प्राचार्य का संदेश
हर बच्चा अद्वितीय है। केवल एक शिक्षक ही बच्चे को पुनः खोज सकता है। इसलिए, एक शिक्षक ही विद्यार्थी के लिए सच्ची पाठ्यपुस्तक है।
बोझ रहित शिक्षा अब मुख्य उद्देश्य है। एक शिक्षक को बच्चे के स्वाभाविक गुणों की देखभाल और साझा करना चाहिए। तभी बच्चा नवाचार और चुनौतियों को मुस्कान के साथ अपना सकता है।
हर बच्चे को अपने आंतरिक सामर्थ्य का एहसास होना चाहिए ताकि उसका सर्वांगीण विकास हो सके। बच्चा शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सक्षम होना चाहिए ताकि वह भविष्य के समाज के लिए एक संपत्ति बन सके।
स्नेह और शुभकामनाओं सहित।
डॉ. कैलाश मीणा
प्रधानाचार्य